विश्व में अशांति के बीच शांति का संदेश , बोईसर में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन हुआ
विश्व में अशांति के बीच शांति का संदेश , बोईसर में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन हुआ
* संवाददाता
बोईसर - पालघर : इंद्रधनुष ऑफ द शूल के तत्वावधान में विराज स्कूल ऑडिटोरियम में एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रशियन कलाकारों एवं ब्रह्मकुमारीज की टीम ने बोईसर वासियों को प्रेम, शांति और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में कलाकारों ने भारतीय संगीत और नृत्य की विविध प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से एक रूसी कलाकार द्वारा प्रस्तुत “ये मेरा इंडिया” गीत ने सभागार में देशभक्ति और भावनात्मक एकता का वातावरण निर्मित कर दिया, जिससे दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट के साथ भावविभोर हो उठे। पालघर सहित अन्य क्षेत्रों से आए दर्शकों ने भारत के प्रति रूस के कलाकारों का प्रेम देखकर अत्यंत हर्ष व्यक्त किया।

कार्यक्रम की दल प्रमुख बीके संतोष दीदी ने अपने उद्बोधन में शांति, आत्मचिंतन और ध्यान साधना के माध्यम से वैश्विक सद्भाव स्थापित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागरण ही विश्व में स्थायी शांति का आधार बन सकता है।
विराज समूह के प्रमुख नीरज कोचर के इस सांस्कृतिक प्रयास की सर्वत्र सराहना की गई। उनके नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम समाज में संस्कृति, संस्कार और वैश्विक भाईचारे का सशक्त उदाहरण बना।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ब्रह्मर्षि योगीराज श्री भारत भूषण भारतेंदु जी महाराज (भाजपा आध्यात्मिक प्रकोष्ठ, योग प्रमुख-महाराष्ट्र प्रदेश) ने मीडिया से कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व अशांति के दौर से गुजर रहा है, तब ऐसे अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि योग ध्यान, साधना और सांस्कृतिक समन्वय के माध्यम से ही समाज में प्रेम, शांति और विश्वकल्याण की भावना को सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने नीरज कोचर के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए विश्वकल्याण की कामना व्यक्त की।
कार्यक्रम में इंदू रानी जाखड़ (जिलाधिकारी पालघर) तथा डॉ.हेमंत विष्णु सावरा (सांसद) सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वक्ताओं ने इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा और राष्ट्रीय एकता का आधार बताया।
