दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप का भव्य आयोजन

दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप का भव्य आयोजन

दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप का भव्य आयोजन

-वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन एड. विनय कुमार दुबे हुए सम्मानित 

* संवाददाता

   नई दिल्ली, 17 फरवरी : राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है।

इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया।

उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।

कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।

अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि “ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है।

दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं।

 कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।

इस चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।