राजस्थानी महिला मंडल के "जागृति सम्मेलन" में टूटे परिवार, बिखरते रिश्ते पर हुआ संवाद ...
राजस्थानी महिला मंडल के "जागृति सम्मेलन" में टूटे परिवार, बिखरते रिश्ते पर हुआ संवाद ...
* संवाददाता
मुंबई : राजस्थानी महिला मंडल के तत्वावधान में ‘जागृति सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। आयोजन का विषय था “टूटते परिवार, बिखरते रिश्ते”। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद श्रीमती पूनम महाजन मौजूद थीं। उन्होंने देश व समाज को सशक्त बनाने के लिये परिवार के संगठन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

विषय की प्रस्तुति मंडल की ट्रस्टी श्रीमती उर्मिला रुंगटा द्वारा की गई। उन्होंने समझाया कि भारत में प्राचीन काल से चली आ रही वसुधैव कुटुंबकम की सभ्यता जिसमें संपूर्ण जगत को परिवार के रूप में माना जाता थी, आज इसे पुनः जीवित करने की गहन आवश्यकता है। संयुक्त परिवार को पुनः सुदृढ़ बनाने के लिये हम महिलाएं समाज के विभिन्न संगठनों के माध्यम से भरपूर प्रयास कर रही हैं।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शेखर सेन ने पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कार अपने जीवन में उतारने की विशेष सलाह दी कि घर में बड़े बुजुर्गों का अनुशासन, धैर्यवान चरित्र, छोटे बच्चों के प्रति ममता भाव, कर्तव्यनिष्ठा, सहनशीलता परिवार को संयुक्त रखने में सहायक होते हैं। हर सदस्य एक कड़ी होता है, इस श्रृंखला को पूर्ण आकार देने मे।
एसएनडीटी यूनिवर्सिटी की कुलपति सुश्री उज्जवला चक्रदेव ने परिवार व समाज में मातृत्व की प्रमुखता पर जोर देते हुए विभिन क्षेत्रों में नारीत्व की अहम भूमिका के पर प्रकाश डाला ।
मनोवैज्ञानिक सुश्री अंबरीन प्रधान ने आज के वातावरण में व्याप्त उद्दंडता और आत्मकेन्द्रितता के परिवार व समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में प्रकाश डाला।

मंडल की वरिष्ठ ट्रस्टी श्रीमती राजश्री बिड़ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर "महिला प्रतिभा सम्मान" श्रीमती दमयंती पित्ती जी का प्रदान किया गया। रूढ़िवादी राजस्थानी परिवार में जन्म लेने के बावजूद इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में सहभागिता की और विश्व की विभिन्न संस्थाओं के उच्च पद पर आसीन रहीं । यह एक मारवाड़ी महिला प्रख्यात डाक टिकट संग्राहक है जिस पर इन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय ग्रैंड प्रिक्स अवार्ड प्राप्त हुआ है ।

कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध समाज सेविका, लेखिका , कवयित्री डॉ. मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर सैंड आर्टिस्ट राहुल आर्य द्वारा अद्भुत तरीके से विस्तृत रूप में सेंड से कलाकृति बनाकर इस विषय को उजागर किया। अंत में मंडल की अध्यक्ष लता रूंगटा ने समस्त लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
अंत में मंडल की अध्यक्षा श्रीमती लंता रूंगटा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।
