Sonu Sood का इको-फ्रेंडली गणेशोत्सव : श्री की मूर्ति का धूमधाम से घर पर ही किया विसर्जन
Sonu Sood का इको-फ्रेंडली गणेशोत्सव : श्री की मूर्ति का धूमधाम से घर पर ही किया विसर्जन
- सोनू सूद का मानना है आस्था के साथ प्रकृति के प्रति ज़िम्मेदारी भी ज़रूरी
* बॉलीवुड रिपोर्टर
शानदार अभिनेता और सुप्रसिद्ध समाजसेवी सोनू सूद, जिन्होंने एक रियल-लाइफ हीरो के रूप में पूरे देश का अपार प्यार और सम्मान अर्जित किया है, एक बार फिर मिसाल कायम कर गए, इस बार अपने इको फ्रेंडली गणेशोत्सव के माध्यम से। अभिनेता ने अपने परिवार के साथ घर पर ही बप्पा की मूर्ति का विसर्जन कर यह संदेश दिया कि आस्था के साथ प्रकृति के प्रति ज़िम्मेदारी भी ज़रूरी है।
सोनू सूद और उनका परिवार हमेशा से गणेश चतुर्थी को खुशी, भक्ति और एकजुटता के पर्व के रूप में मनाते आ रहा है। लेकिन इस साल, उन्होंने यह तय किया है कि उनका उत्सव पर्यावरण के लिए भी अच्छा हो। सार्वजनिक जलाशयों में मूर्ति विसर्जित करने की बजाय, सोनू ने अपने घर में ही एक ऐसा तरीका अपनाया जिससे नदियों या झीलों को कोई नुकसान न पहुँचे। ऐसा करके, वह न केवल परंपरा का संरक्षण कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण को प्रदूषण से भी बचा रहे हैं।
वर्षों से सोनू सूद सेवा और करुणा का प्रतीक बने हुए हैं, चाहे वह प्रवासी मज़दूरों की मदद करना हो, चिकित्सा सहायता का प्रबंध करना हो, या ज़रूरतमंद परिवारों का समर्थन करना हो। गणपति उत्सव को एक स्थायी तरीके से मनाने का उनका चुनाव और पर्यावरण के अनुकूल ढंग से मनाना इसी सेवा-भावना का विस्तार है। उनके लिए सच्ची भक्ति केवल रीति-रिवाजों में नहीं, बल्कि उस संसार की रक्षा में भी है जिसे भगवान गणेश ने हमारे लिए बनाया है।
बप्पा को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से विदा करके, सोनू सूद अनगिनत परिवारों को यह प्रेरणा दे रहे हैं कि त्योहारों को नए ढंग से भी मनाया जा सकता है। उनका यह कदम हमें याद दिलाता है कि परंपराएं पवित्र हैं, लेकिन वे आधुनिक ज़िम्मेदारियों के साथ भी चल सकती हैं। श्रद्धा और प्रकृति के प्रति संवेदनशील के साथ, सोनू सूद एक बार फिर साबित करते हैं कि सच्चा नायक वही है जो इंसानियत और पर्यावरण दोनों की सेवा करे।
