आशा दी को भावभीनी श्रद्धांजलि...
आशा दी को भावभीनी श्रद्धांजलि...
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चली गई वह छोड़कर, गीत, प्रीत, संगीत
यम निर्मोही छल किया, हुई मौत की जीत
हुई मौत की जीत, बताओ तनिक विधाता
आशाओं के दीप, उन्हीं पर क्यों दिल आता
कह सुरेश कविराय प्रीति फिर से छली गई
दीदी की दीदी ऐसे कैसे चली गई ?
*रचना : सुरेश मिश्र (वरिष्ठ कवि एवं मंच संचालक) मुम्बई
