'सुपोषण संगिनी' का कुपोषण-एनीमिया के खिलाफ जबरदस्त अभियान ....

'सुपोषण संगिनी' का कुपोषण-एनीमिया के खिलाफ जबरदस्त अभियान ....

'सुपोषण संगिनी' का कुपोषण-एनीमिया के खिलाफ जबरदस्त अभियान ....

- 2016 से 1000 से अधिक ‘सुपोषण संगिनी’ 14 राज्यों 1940 गांवों मलिन बस्तियों में अपने अभियान में जुटी है

* हेल्थ डेस्क

     मुंबई, 10 मार्च 2024 : देश की सबसे बड़ी फूड एफएमसीजी कंपनियों में से एक अदाणी विल्मर लिमिटेड (एडब्ल्यूएल) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अपने लक्षित समूहों- 5 वर्ष तक के बच्चों, किशोरों और प्रजनन आयु की महिलाओं के बीच कुपोषण और एनीमिया को खत्म करने में सुपोषण संगिनी के अमूल्य योगदान का जश्न मनाते हुए एक नई सीएसआर लघु फिल्म लॉन्च की। महिला स्वयंसेवक सुपोषण संगिनी दरअसल फॉर्च्यून सुपोषण प्रोजेक्ट का एक अभिन्न अंग हैं, जो अदाणी विल्मर की एक अग्रणी पहल है और भारत में कुपोषण और एनीमिया से निपटने के लिए अदाणी समूह की सीएसआर शाखा अदाणी फाउंडेशन द्वारा कार्यान्वित की गई है। सुपोषण संगिनियां समुदायों को सशक्त बनाती हैं और उनकी आवाज उठा रही हैं। इस तरह हम टीम वर्क और समावेशिता की संस्कृति का निर्माण कर सकते हैं। जमीनी स्तर पर, वे कुपोषण के पीढ़ियों से चले आ रहे चक्र को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही, ये संगिनियां अपने समुदायों में महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में भी काम करती हैं।

अदाणी विल्मर लिमिटेड द्वारा लॉन्च की गई और आज ही प्रसारित सीएसआर लघु फिल्म में दर्शाया गया है कि किस तरह एक संगिनी किसी परिवार से मिलती है, उनके बेटे के स्वास्थ्य की सावधानीपूर्वक जांच करती है और साथ ही यह भी सुनिश्चित करती है कि उसे उचित पोषण मिले, ताकि उसका शारीरिक और मानसिक विकास भली-भांति हो सके। यह कथा ग्रामीण भारत में संगिनियों की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालती है। अपने अटूट समर्पण के माध्यम से, ये महिला स्वयंसेवक न केवल भावी पीढ़ियों के शारीरिक विकास का पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने समुदायों के भीतर सकारात्मक बदलाव का नेतृत्व भी कर रही हैं।

अंगशु मलिक, मैनेजिंग डायरेक्टर-चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर, अदाणी विल्मर लिमिटेड ने कहा,‘‘फॉर्च्यून सुपोषण परियोजना हमारे दिलों में एक विशेष स्थान रखती है, और इसे आगे बढ़ते हुए देखकर हमें गर्व का अहसास होता है। यह देखते हुए कि कुपोषण का भोजन और पोषण से गहरा संबंध है, देश की सबसे बड़ी खाद्य कंपनी होने के नाते अडाणी विल्मर को यह अवसर मिला है कि वह कुपोषण को दूर करने की दिशा में कदम उठाए और हमें लगता है कि  इस समस्या से निपटने के लिए हमसे बेहतर कोई संगठन नहीं है। और इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उनके योगदान का सम्मान करने पर हमें गर्व का अहसास हो रहा है।’’

लघु फिल्म की लिंक -

https://youtu.be/EVSBi051EJ8