राजपुरोहित नारीशक्ति द्वारा तीन दिवसीय "नानी बाईरो मायरा" का त्रिदिवसीय आयोजन

राजपुरोहित नारीशक्ति द्वारा तीन दिवसीय "नानी बाईरो मायरा" का त्रिदिवसीय आयोजन

राजपुरोहित नारीशक्ति द्वारा त्रिदिवसीय "नानी बाईरो मायरा" का त्रिदिवसीय आयोजन 

* संवाददाता

  मीरा रोड : राजपुरोहित मातृशक्ति  मुंबई द्वारा तीन दिवसीय 'नानी बाईरो मायरा' का भव्य आयोजन हुआ। पुरोहित बैंक्वेट हाल,मीरारोड में साध्वी राधारानी बाईसा के मुखारविंद से उधृत करुणामय वाणी से सभी लाभान्वित हुए।
भक्तराज राज नरसी मेहता के जीवन की अनुपम कृति नानी बाई रो मायरा की शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित नागरिकों को शुरू से अंत तक बांधे रखा ।
    आयोजन के प्रथम दिन बड़े ही धूमधाम से नाचते, गाते, ठाकुरजी, गुरुदेव के जयकारों के साथ शिव मंदिर से कथा स्थल तक भव्य शोभायात्रा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर साध्वी राधारानी बाईसा ने कहा कि नि:स्वार्थ रूप से की गई भक्ति और सेवा कभी व्यर्थ नही जाती। आपकी भक्ति के सामने भगवान भी झुक जाते हैं और अपने भक्त के लिए उसकी सेवा में हाजर हो जाते हैं। जैसे अपने नरसी मेहता की लाज रखने के लिए स्वयं सेठजी के वेश में वे पधारे और नानी बाई का मायरा भरा, तो हमें भी भगवान पर अटूट भरोसा रखना चाहिए।
    नानी बाई मायरा का पूरा संचालन ओर सारी व्यवस्थाएं और सारा व्यय भी समाज की नारी शक्ति द्वारा किया गया था जिसकी पूरे समाज ने उन्मुक्त कंठ प्रशंसा की ।
  समाज की नारीशक्ति ने समाज में एक आदर्श संदेश दिया कि हमें भी अवसर मिले तो हम भी ऐसे सुंदर आयोजन कर सकते हैं।
   कार्यक्रम में मंच संचालन भावना शंकरसिंह बुसी ने किया।मायरा भरने की रस्म महेंद्रसिंह, सुरेन्द्रसिंह ड़ोडू, कमलसिंह संजयसिंह राजदलदेसर परिवार की ओर पूरे विधि विधान से की गई।
 इस आयोजन के लिए कमिटी सदस्य श्रुति खेरवा, नेहल थावला नंदू डोडू , मंजू  डोडू ,संतोष राजलदेसर, नंदा जसवन्तपुरा का
नाम उल्लेखनीय है।


  इस अवसर पर  प्रेरणा शिवतलाव, अर्चना शिवतलाव, कमलाकंवर रानीगांव, हेमाकंवर मादा, ज्योत्सना वाण, डिंपल दासपां, सुमन लूणी, नर्मदा बारवा, कुसुम चूड़ा, मेनका डोडू, शकुन्तला डोडू, मोना मादड़ी, सुमित्रा बुसी, एडवोकेट कीर्ति, संगीता जसवंतपुरा, आशा तंवरी, अन्नू सारंगवास, शांतिदेवी पोसीतरा, निर्मला तिंवरी, शोभा खींचन, रेणुका अगवरी, इंद्रा भटाना, शोभा वारका, अल्का बुसी, करिश्मा वरकाना, रिंकू बसन्त, लीला खींचन, मीनू सिंदरली, कैलाश पांचडोलिया, तुलसी तिंवरी व उषा जैतपुरा की उपस्थिती रही।