मुंबई में ‘याद-ए-बिस्मिल्लाह’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन संपन्न...
मुंबई में ‘याद-ए-बिस्मिल्लाह’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन संपन्न...
* अमित मिश्रा
मुंबई : मुम्बई के प्रभादेवी स्थित रवींद्र नाट्य मंदिर में ‘याद-ए-बिस्मिल्लाह’ नामक भव्य संगीतमय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को याद कर उन्हें अपनी श्रद्धाजंलि देने भारी संख्या में मुम्बई के अनेक दिग्गज गणमान्य नागरिक व सुधी श्रोतागण उपस्थित रहे।

"याद-ए-बिस्मिल्लाह" श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राज्य के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार , सुप्रसिद्ध बनारस घराने की गायिका, पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने “द मेमोरियल भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां सम्मान” तबला मार्तंड पद्मश्री पंडित सुरेश तलवलकर को "चांदी की शहनाई" भेंटकर किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन मधु मुरच्छना संस्था द्वारा किया गया था। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार उपस्थित थे। उनके साथ विशेष अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाजसेविका एवं कवियत्री डॉ. मंजू लोढ़ा, सदगुरु दयाल जी और भाजपा प्रवक्ता विनोद शेलार भी मंच पर मौजूद रहे।
इस आयोजन में प्रमुख रूप से अभिनेता गौरव प्रतीक, श्रीमती मालती जैन (मालकिन- एस. पी. जैन कॉलेज), कन्हैया लाल जोशी, संगीत निर्देशक विवेक प्रकाश, समाज सेवक राजेश श्रीवास्तव, शारदा शर्मा, कवि संजय मिश्रा, संगीतकार सत्यम आनंद, प्रेम प्रकाश दुबे, प्रतीक उपाध्याय, इंडियन ऑयल के नितिन गुप्ता और संगीत निर्देशक विशाल शेलके उपस्थित रहे।
इस अवसर पर हुई संगीत प्रस्तुतियों में बनारस घराने की सुप्रसिद्ध गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष ने अपनी मनमोहक गायन शैली और खनकती आवाज में गीतों की प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसी क्रम में ओंकार अग्निहोत्री, अक्षरा व्यास और ऋषिकेश कर्मकार ने ट्रियो के रूप में अपनी प्रस्तुति दी। इनके साथ संगत पर नज़ीश जब्बार हुसैन खान, नवीन ओबेरॉय और राहुल मिलन थे।
कार्यक्रम में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां पर आधारित एक डॉक्यू-ड्रामा भी प्रस्तुत किया गया, जिसका निर्देशन शुभांकर घोष ने किया था।
कार्यक्रम का उत्कृष्ट और सारगर्भित संचालन आनंद सिंह ने किया।
यह कार्यक्रम भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की स्मृति में किया गया था, जिसमें उनके योगदान को याद करके सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
