आंखों में आई-ड्रॉप्स डालने का सही तरीका बता रहे हैं नेत्र चिकित्सक डॉ. निमेष पी. मेहता...
आंखों में आई-ड्रॉप्स डालने का सही तरीका बता रहे हैं नेत्र चिकित्सक डॉ. निमेष पी. मेहता...
* हेल्थ डेस्क
आंखों में आई ड्रॉप्स डालने का सही तरीका और सावधानियां ड्रॉप्स के फायदे में बढ़ोत्तरी ही करती हैं। अगर सही ढंग से आंखों में ड्रॉप्स डाला जाए तो इधर-उधर बहकर वेस्टेज तो कम होगा ही, ड्रॉप्स की दवा के गुण आंखों को सही ढंग से फायदा पहुँचाएँगे। इसी विषय पर विस्तार से जानकारी दे रहे हैं दिव्यदृष्टि आई केयर सेंटर ( आई हॉस्पिटल) -बोरीवली के प्रभारी और प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक व सर्जन डॉ. निमेष पी. मेहता।

"आई-ड्रॉप्स आंखों में डालने से पहले सर्वप्रथम यह चेक अवश्य करें कि उसकी शीशी पर एक्सपायरी डेट क्या छपी है। जल्दबाजी में बिना एक्सपायरी डेट चेक किये आंखों में आई ड्रॉप्स कभी न डालें वरना फायदे की जगह नुकसान भी सम्भव है। और आई ड्रॉप्स ही क्यूं, हर मेडिसिन की एक्सपायरी डेट चेक कर लेना आवश्यक है" बता रहे हैं डॉ. निमेष मेहता।
उन्होंने आगे बताया कि आई ड्रॉप्स का अगर आप पहली बार उपयोग करने जा रहे हैं तो शीशी पर लगी सील तोड़ने के बाद आई ड्राप की बोतल का ढक्कन हटाकर टिप/नोजल को कभी न छुएं। हाथो में चिपके जीवाणु उस टिप से चिपककर आंखों में जा सकते हैं।
इसके साथ ही आवश्यक है हाथों की सफाई। आई ड्रॉप का उपयोग करने से पूर्व साबुन व पानी से अपने हाथ कम से कम 20 सेकंड तक धोकर हाथों को अच्छी तरह सुखा लें। गंदे हाथ से इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है।
डॉ. मेहता के अनुसार आंखों को दवा का सम्पूर्ण फायदा मिले, इसके लिए आवश्यक है-
आई ड्रॉप्स डालने की सही पोजीशन बनाना। आंखों में आई ड्रॉप्स डालने से पहले सिर पीछे झुकाएँ और छत की तरफ देखें या फिर आई ड्रॉप्स आंखों में लेटने के बाद ही डालें ताकि दवा आंखों के भीतर अच्छे से पहुंचे। इसके लिए एक हाथ की उंगली से निचली पलक को हल्के से नीचे खींचकर पलकों को छोटी "जेब" नुमा बना लें और फिर ड्रॉप डालें। ऐसा करते समय शीशी को आंख से 1-2 cm दूर ही रखें। पलकों के भीतर (जेब) में अब एक ड्रॉप टपकाएँ। इसके बाद आंख धीरे से बंद कर लें। आंख मत मिचमिचाएँ।
डॉ. मेहता आगे बताते हैं कि - अगर एक से ज्यादा तरह की ड्रॉप्स आंखों में डालनी हैं तो दो ड्रॉप्स के बीच कम से कम 10 मिनट का गैप अवश्य रहे।
हाँ, अगर आप कॉन्टेक्ट लेन्स का उपयोग करते हैं तो ड्रॉप्स डालने से 15 मिनट पहले लेन्स अवश्य निकाल दें।
अगर आंखों में ड्रॉप्स डालते समय आँख अधिक हिलती है, तो शीशे के सामने खड़े होकर ड्रॉप्स डालें, या शीशी वाले हाथ को माथे पर टिका लें ताकि स्टेबल रहे।
बच्चों की आंखों में आई ड्रॉप्स डालते समय उन्हें बिस्तर पर लेटाकर उनकी आंख के कोने में ड्रॉप डालें। जब वो पलक झपकाएंगे तो दवा अंदर चली जाएगी।
आई ड्रॉप की टिप अगर गंदी हो जाए तो पूरी शीशी फेंक देना बेहतर है, नहीं तो इन्फेक्शन हो सकता है।
* देखें ये Link ...
https://drive.google.com/file/d/1dGA56kuvCuuFUdAyDF_fRHd1BblsaJic/view?usp=sharing
