राजस्थानी महिला मंडल- पुस्तकालय समिति द्वारा "हिंदी भाषा की स्थिति और महत्व" विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
राजस्थानी महिला मंडल- पुस्तकालय समिति द्वारा "हिंदी भाषा की स्थिति और महत्व" विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
* संवाददाता
मुंबई : राजस्थानी महिला मंडल की पुस्तकालय समिति के तत्वावधान में हिंदी दिवस के परिप्रेक्ष्य में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का विषय था “हिंदी भाषा की स्थिति और महत्व”।
आयोजन के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शीतला प्रसाद दुबे थे। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि “हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम है। नई पीढ़ी को हिंदी के संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।”

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं सुप्रसिद्ध कवयित्री श्रीमती पूजाश्री ने अपनी रचनाओं का पाठ कर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि "हिंदी कविता की मिठास समाज में संस्कार और संवेदनाओं को जागृत करने की क्षमता रखती है।
सम्पूर्ण संगोष्ठी में मंच संचालन सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं लेखिका डॉ. श्रीमती मंजू लोढ़ा ने किया। उनके प्रभावी संचालन ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।इस आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, राजस्थानी महिला मंडल की सदस्य नारी शक्ति और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सुधी श्रोताओं ने अतिथियों के विचारों और काव्यपाठ की खुले मन से सराहना की। हिंदी दिवस उत्सव का यह आयोजन न केवल भाषा के महत्व को रेखांकित करने वाला रहा, बल्कि हिंदी साहित्य के प्रति जनमानस में नई ऊर्जा और जागरूकता जगाने वाला भी सिद्ध हुआ।
अतिथियों का स्वागत पुस्तकालय समिति की संयुक्तका मृदुल जी ने और धन्यवाद प्रस्ताव उर्मिला जी रूंगटा ने रखा।
