केतकीपाड़ा के हजारों नागरिकों की समस्याओं के हल तथा पुनर्वसन के लिए विचार मंथन और हस्ताक्षर अभियान

केतकीपाड़ा के हजारों नागरिकों की समस्याओं के हल तथा पुनर्वसन के लिए विचार मंथन और हस्ताक्षर अभियान

केतकीपाड़ा के हजारों नागरिकों की समस्याओं के हल तथा पुनर्वसन के लिए विचार मंथन और हस्ताक्षर अभियान

- एड. आशिष शेलार और पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी की उपस्थिति में जोशीला आयोजन

* अमित मिश्रा

    दहिसर : संजय गांधी नेशनल पार्क से सटे केतकीपाड़ा के नागरिकों की समस्याओं के हल और उनके पुनर्वसन को लेकर विचार मंथन तथा 
हस्ताक्षर अभियान शुरू करने के लिये एक सभा का आयोजन दहिसर के कनाडे मैदान, केतकीपाड़ा में किया गया। इस आयोजन में उप-नगर के पालक मंत्री एड. आशिष शेलार के साथ उत्तर मुंबई के जनसेवक पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने उपस्थिती दर्ज कराई और नागरिकों की विशाल भीड़ को संबोधित किया।

  बता दें कि केतकीपाड़ा सहित वन विभाग से सटे दामू नगर और फ़िल्मसिटी सहित अनेक इलाकों के निवासी हजारों नागरिकों को न्याय और उनका हक दिलाने के लिए जनसेवक गोपाल शेट्टी वर्षों से संघर्ष की राह पर रहे हैं और अंततः यह सिद्ध करने में भी सफल हुए कि संजय गांधी से सटे केतकीपाड़ा और अन्य इलाकों के नागरिक जहां रह रहे हैं वह जमीन पहले से उनके अधिकार क्षेत्र में थी, बाद में उसे वन विभाग में शामिल कर लिया गया था। जिसके कारण वहाँ के नागरिकों पर हमेशा ही वन विभाग द्वारा तोड़क कार्रवाई शुरू करने की तलवार लटकती रहती थी। अंततः जनसेवक गोपाल शेट्टी के प्रयास से व महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़वणीस के सहयोग और दखल देने से यह सिद्ध हो गया कि केतकीपाड़ा की जमीन वन विभाग की है ही नहीं। वन विभाग में होने की घोषणा से पूर्व से ही वहां के लोग केतकीपाड़ा में रहते आये हैं। इसप्रकार अब वहाँ वन विभाग की तोड़क कार्रवाई नहीं हो सकती है। अब यहां के नागरिकों के पुनर्वसन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'हर नागरिक को स्वयं का पक्का घर' मिलने में ज्यादा देर नहीं है। 

  इस विचार मंथन सभा और हस्ताक्षर अभियान की शुरुवात के अवसर पर जनसेवक गोपाल शेट्टी के साथ- साथ विधान परिषद में गट नेता विधायक प्रविण दरेकर, उत्तर मुंबई के जिलाध्यक्ष दिपक बाला तावडे, प्रकाश दरेकर, गणेश खणकर , पूर्व नगरसेवक कमलेश यादव व राज प्रकाश सुर्वे सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।