अंबरनाथ के पुरातन शिव मंदिर में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण और महाभिषेक अनुष्ठान 11 अगस्त से

अंबरनाथ के पुरातन शिव मंदिर में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण और महाभिषेक अनुष्ठान 11 अगस्त से

अंबरनाथ के पुरातन शिव मंदिर में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण और महाभिषेक अनुष्ठान 11 अगस्त से

- साधु, संत, महात्माओं सहित देश की कई हस्तियां होंगी शामिल

* संवाददाता

  अंबरनाथ : भगवान शिव तथा शिवलिंग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अंबरनाथ के पुरातन कालीन शिव मंदिर परिसर में पूज्य बृजेशानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में आगामी 11 अगस्त से 21 अगस्त के बीच एक भव्य दिव्य धार्मिक आयोजन किया जा रहा है. इस अनुष्ठान में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण और महाभिषेक किया जाएगा. अंबरनाथ के इतिहास में इस तरह का यह पहला धार्मिक आयोजन होगा.

  आयोजन समिति से जुड़े  उद्योगपति संजय गुप्ता ने बताया कि महायज्ञ के अधिष्ठाता पूज्य बृजेशानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में रोजाना औसतन तीन से चार हजार शिवभक्त भाग लेंगे, जो कार्यक्रम के पंडाल में शिवलिंग को बनाएंगे. इस अनुष्ठान में प्रतिदिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण और महाभिषेक किया जाएगा. प्रतिदिन दस लाख से अधिक शिवलिंग यहां बनाए जाएंगे,  ग्यारह दिनों में सवा करोड़ शिवलिंगों का निर्माण किए जाने की योजना है.मिट्टी के बने पार्थिव शिवलिंग का महाभिषेक कर उन्हें विसर्जित किया जाएगा. 11 अगस्त को मंदिर परिसर में  कलश यात्रा से इस धार्मिक समारोह की शुरुआत होगी.

  शिवलिंग निर्माण और महाभिषेक का यह आयोजन शिवभक्तों के लिए बड़े ही गर्व तथा हर्ष का क्षण होगा. इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समृद्धि, वैभव प्राप्त होता है. इससे पूर्व इस प्रकार के 49 धार्मिक आयोजन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा सहित देश के अन्य कई राज्यों में सफलतापूर्वक हो चुके है. महाराष्ट्र के अंबरनाथ में होने जा रहा यह आयोजन 50 वां होगा.

  पूज्य बृजेशानंद जी महाराज ने कहा कि विश्व कल्याण तथा सनातन धर्म की रक्षा और जनजागृति के लक्ष्य को लेकर यह अनुष्ठान किया जा रहा है. इस तरह के धार्मिक आयोजनों से लोगों में धर्म के प्रति लगाव तथा जुड़ाव होता है.